Home उत्तर प्रदेश CTET EXAM: बाल विकास और गणित के सवालों ने उलझाया

CTET EXAM: बाल विकास और गणित के सवालों ने उलझाया


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केंद्रीय शिक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (कठई) में प्रथमिक स्तर पर बालक विकास और गणित के सवालों ने अभ्यर्थियों को थोड़ा बहुत उलझाया। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में विज्ञान वर्ग का पेपर संतुलित रहा। पहली पाली में हुई प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 92 और दूसरी पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 95 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने अपनी परीक्षा दर्ज कराई है।

सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली की परीक्षा के लिए 63 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें तकरीबन 58 हजार अभ्यर्थी उपस्थित थे। वहीं, अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे की पाली की परीक्षा के लिए पंजीकृत 57 हजार अभ्यर्थियों में से 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वाईएमसीए केंद्र से दूसरी परीक्षा देकर निकले अभयर्थी मुकेश कुमार प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से जुड़े कुछ सवाल उलझाऊ थे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा। हिंदी, संस्कृत, पर्यावरण और गणित के प्रश्न सामान्य थे।

वहीं, अभयर्थी आकाश कुमार मिश्र को दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में विज्ञान वर्ग का पेपर आसान और संतुलित लगा। आकाश ने प्राथमिक प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा भी दी और उन्हें सभी विषयों से पूछे गए प्रश्नकर्ता लगे। अभ्यर्थी रेखा सरोज को प्रथमिक स्तर की परीक्षा में गणित और संस्कृत के कुछ प्रश्न कठिन लगे। वाईएमसीए केंद्र में परीक्षा देने पहुंचीं प्रियंका यादव को भी गणित के कुछ सवालों ने उलझया, लेकिन अन्य विषयों से पूछे गए सवाल स्वभाव और आसान लगे।

कोरोना के कारण छह महीने डेल से हुई परीक्षा

कठईटी का आयोजन इस बार छह महीने डेल से हुआ। यह परीक्षा जुलाई में प्रस्तावित थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण परीक्षा का आयोजन समय से नहीं बनाया जा सका। जिले के 114 केंद्रों में हुई परीक्षा को विभाजित प्रोटोकॉल के तहत किए गए। सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की दक्षिणायन स्क्रीनिंग हुई। साथ ही केंद्रों की योजना बनाई गई। एक कमरे में अधिकतम 12 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।

केंद्रीय शिक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (कठई) में प्रथमिक स्तर पर बालक विकास और गणित के सवालों ने अभ्यर्थियों को थोड़ा बहुत उलझाया। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में विज्ञान वर्ग का पेपर संतुलित रहा। पहली पाली में हुई प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 92 और दूसरी पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 95 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने अपनी परीक्षा दर्ज कराई है।

सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली की परीक्षा के लिए 63 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें तकरीबन 58 हजार अभ्यर्थी उपस्थित थे। वहीं, अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे की पाली की परीक्षा के लिए पंजीकृत 57 हजार अभ्यर्थियों में से 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वाईएमसीए केंद्र से दूसरी परीक्षा देकर निकले अभयर्थी मुकेश कुमार प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से जुड़े कुछ सवाल उलझाऊ थे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा। हिंदी, संस्कृत, पर्यावरण और गणित के प्रश्न सामान्य थे।

वहीं, अभयर्थी आकाश कुमार मिश्र को दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में विज्ञान वर्ग का पेपर आसान और संतुलित लगा। आकाश ने प्राथमिक प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा भी दी और उन्हें सभी विषयों से पूछे गए प्रश्नकर्ता लगे। अभ्यर्थी रेखा सरोज को प्रथमिक स्तर की परीक्षा में गणित और संस्कृत के कुछ प्रश्न कठिन लगे। वाईएमसीए केंद्र में परीक्षा देने पहुंचीं प्रियंका यादव को भी गणित के कुछ सवालों ने उलझया, लेकिन अन्य विषयों से पूछे गए सवाल स्वभाव और आसान लगे।

कोरोना के कारण छह महीने डेल से हुई परीक्षा

कठईटी का आयोजन इस बार छह महीने डेल से हुआ। यह परीक्षा जुलाई में प्रस्तावित थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण परीक्षा का आयोजन समय से नहीं बनाया जा सका। जिले के 114 केंद्रों में हुई परीक्षा को विभाजित प्रोटोकॉल के तहत किए गए। सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की दक्षिणायन स्क्रीनिंग हुई। साथ ही केंद्रों की योजना बनाई गई। एक कमरे में अधिकतम 12 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।





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