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OMG: इस मासूम की जिंदगी बचाने के लिए 22 करोड़ रुपये चाहिए, परिवार ने PM मोदी से लगाई मदद की गुहार


गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्ची को गोद में लिए बच्ची के पिता। माँ।

मेरठ (मेरठ) की एक डेढ़ साल की बच्ची स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (एसएमए) टाइप -2 की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। एम्स (एम्स) के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के इलाज के लिए 22 करोड़ का टीका लगना है। इतना सुनते ही ईशानी के पूरे परिवार के पांव तले जमीन खिसक गए। इसके बाद परिवार पीएम मोदी (पीएम मोदी) से मदद की गुहार लगा रहा है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2021, 8:26 PM IST

मेरठ। मेरठ में डेढ़ साल की मासूम को ऐसी दुर्लभ बीमारी हो गई है जो भारत में गिनती के लोगों को ही होगी। Opil भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली (AIIMS) ने इस बच्ची में बीएमए टाइप टू की पुष्टि की है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस बच्ची की जान बचानी है तो उसे 22 करोड़ का इंजेक्शन लगाना पड़ेगा। 22 करोड़ रुपए इकट्ठे करना इस परिवार के लिए नामुमकिन है। लिहाजा यह परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहा है। इस बच्ची के माता-पिता दादा-दादी बस एक ही बात बार-बार दोहरा रहे हैं। मासूम बच्ची को बचाने के लिए सरकार है।

भगवान ये दिन किसी को न दिखाए जो डेढ़ साल की मासूम और उसका परिवार देख रहा है। मेरठ में डेढ़ साल की बच्ची को ऐसी दुर्लभ बीमारी हो गई है, जो देश में गिनती के लोगों को ही होगी। इस बच्ची का नाम ईशानी है। ईशानी को दुर्लभ बीमारियों में से एक स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (एसएमए) टाइप -2 की बीमारी है। डॉक्टरों ने बताया है कि इस बच्ची को इस दुर्लभ बीमारी को मात देने के लिए एक खासेक लगना है, लेकिन इस टीके की कीमत इतनी है कि ये परिवार जीवन भर भी कमाएगा फिर भी इतने सारे पैसे नहीं जुटा पाएगा। इस बच्ची को जोके लगना है, उसकी कीमत 22 करोड़ रुपए बताई गई है। जब इस परिवार के पास कोई रास्ता नहीं सूझा तो परिवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गुहार लगाई।

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ईशानी के इलाज के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन भी शुरू किया गया है। ईशानी मेरठ में ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित कॉलोनी की रहने वाली है। उसके पिता अभिनव वर्मा दिल्ली की लॉजिस्टिक कंपनी में केवल 25 हजार रुपए की नौकरी करते हैं। मां नीलम गृहणी हैं। अभिनव के अनुसार, बच्ची की उम्र जब 10 महीने की थी, तब उसके पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। निकटतम डॉक्टरों ने दिखाया तो उन्होंने कहा कि कैल्शियम की दवाइयां दे दीं। कुछ दिन बाद हाथों ने काम करना बंद कर दिया। इस पर दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में दिसंबर -2020 में ईशानी को दिखाया गया तो उसको न्यूरो प्रॉब्लम बताई गई ।26 दिसंबर को गंगाराम अस्पताल में ब्लड सैंपल लिया गया। 12 जनवरी 2021 को जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि बिटिया में स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (एसएमए) टाइप -2 की बीमारी से बच्ची ग्रसित है। डॉक्टरों ने बताया कि इसके इलाज के लिए बाइस करोड़ का टीका लगना है। इतना सुनते ही ईशानी के पूरे परिवार के पांव तले जमीन खिसक गए।

दिल्ली में नौकरी कर रहे अभिनव ने बताया कि टीके की कीमत 16 करोड़ रुपये है। 6 करोड़ रुपए का टैक्स लगेगा। इस प्रकार टीका 22 करोड़ रुपए का है, जो दुनिया के सबसे महंगे टीकों में एक है। अभिनव ने बताया, वह मामूली जॉब करते हैं। पिता की इन्वर्टर ठीक करने की दुकान है। वह इतना पैसा नहीं जुटा सकता, जिससे बेटी का इलाज हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से आर्थिक मदद की भावुक अपील की है। अब ये परिवार वर्तमान में दुआ के सहारे ही है, लेकिन वो ये भी जानते हैं कि अगर इस बच्ची को बचाना है तो यकीनन सरकार ही मदद कर सकती है। ऐसे मे इस परिवार को भगवान और पीएम मोदी से आस है।







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